सिवनी, 25 जून। कार्य के प्रति समर्पित उत्कृष्ठ कार्य करने वाले कर्मियों की वजह से वर्तमान में चल रही कोरोना जैसी महामारी के घोर अंधेरे से उबरने की आशा जागृत होती है। एवं हमें निडर होकर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। हर असंभव कार्य को संभव करने के दृढ़ संकल्प को लेकर चलने वाले कोरोना योद्धाओं को नमन करते हुए ऐसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने वाली आशा सहयोगी राजकुमारी डहेरिया एवं गुलाबा चंद्रवंशी अपने कार्यक्षेत्र में पूरी लगन एवं ईमानदारी से कार्य कर रही है। अपने अधिनस्थ आशा कार्यकर्ताओं का कुशलता पूर्वक मार्गदर्शन करना इनका काम है। यह बात शुक्रवार की देर शाम को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.सी. मेशराम ने कही है।


डाॅ.मेश्राम ने बताया कि आशा सहयोगी राजकुमारी डेहरिया का कोरोना के विरूद्व अच्छा कार्य शायद उसके परिवार के लिये अभिशाप बन गया था। क्षेत्र में नियमित भ्रमण के दौरान किसी संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से वह स्वयं भी पॉजिटिव हो गई थी। तथा धीरे-धीरे यह संक्रमण उसके घर में भी फैल गया जिसमें राजकुमारी डहेरिया के पति एवं बच्चे सभी कोरोना पॉजिटिव हो गये। यह वह समय था जब राजकुमारी डहेरिया को सूझ ही नही रहा था कि वह क्या करें। तब उन्होने हौंसला रखते हुए पति तथा बच्चो का चिकित्सक को दिखाने के उपरांत घर पर ही आईसोलेट रहकर ईलाज चालू किया। कुछ दिनों पश्चात उनके पति एवं बच्चे स्वस्थ्य हो गये। राजकुमारी डहेरिया कोरोना को मात देकर पुनः समर्पित भाव से अपने क्षेत्र में लोगो को सतत सेवायें दे रही है।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इसी प्रकार मुख्यालय बाम्हनवाड़ा सेक्टर गनेशगंज में पदस्थ आशा सहयोगी गुलाबा चंद्रवंशी जो कि क्षेत्र में विगत 8 वर्षो से कार्य कर रही है। कोविड महामारी के चलते स्वयं टायफाइड से पीडित थी। बावजूद इसके इन्होने अपने कार्य में सक्रियता दिखाते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन बखूबी किया। वर्तमान में अपने क्षेत्र में कोरोना काल मे पूरी लगन और निष्ठा के साथ सेवाएं दे रही है तथा टीकाकरण कार्यो में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

डाॅ.मेश्राम ने कहा कि ऐसे कोरोना योद्धा को स्वास्थ्य विभाग सहृदय से धन्यवाद देता है। निश्चित ही कोरोना हारेगा देश जीतेगा की कहावत चरितार्थ होगी।
हिन्दुस्थान संवाद