सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को मंजूरी, प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन- श्रीकांत

पिछडा वर्ग के आरक्षण के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता की विजय
सिवनी, 18 मई। सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों को पिछड़ा वर्ग आरक्षण के साथ करवाने का निर्णय प्रदेश तथा ओबीसी वर्ग के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। इससे जहां भाजपा के संकल्प की विजय हुई है वहीं, झूठ ,फरेब, ढोंग और वोट बैंक की राजनीति के लिए गाल बजाने वालों की करारी हार भी हुई है।
उक्ताशय की बात भाजपा मीडिया प्रभारी श्रीकांत अग्रवाल द्वारा जारी विज्ञप्ति में कही गई है। अग्रवाल ने कहा कि सर्वाेच्च न्यायालय के इस फैसले से पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के साथ स्थानीय निकाय चुनाव कराने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। साथ ही श्री कमलनाथ के उन नापाक मंसूबों पर भी पानी गिर गया है जो पिछड़ा वर्ग को उसके अधिकारों से वंचित रखने के लिए उन्होंने पाले थे।
अग्रवाल ने कहा कि, भाजपा सदैव पिछड़ा वर्ग के हितों के लिए प्रतिबद्ध रही है। उच्च न्यायालय द्वारा पिछड़ा वर्ग आरक्षण को मंजूरी ना दिए जाने के निर्णय को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सर्वाेच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में पुनर्विचार याचिका के माध्यम से चुनौती दी थी उसका ही सुखद परिणाम है कि आज पिछड़ा वर्ग के भाइयों को आरक्षण का उनका अधिकार प्राप्त हो गया है।
भाजपा मीडिया प्रभारी ने कहा कि, कांग्रेस ने सदैव प्रदेश के हितों को तिलांजलि देकर जनता की पीठ पर खंजर भोंकने का कार्य किया है। जब पिछड़ा वर्ग आरक्षण का मामला उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) में लंबित था तब तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने बहस के दौरान प्रदेश के महाधिवक्ता को पैरवी करने से रोक दिया था। जिसका परिणाम हुआ कि हाई कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को निरस्त कर दिया और इस वजह से पिछड़ा वर्ग आरक्षण से वंचित हो गया।

अग्रवाल ने कहा कि भाजपा ने स्व. बाबूलाल गौर , सुश्री उमा भारती एवं शिवराज सिंह चौहान के रूप में पिछड़ा वर्ग को प्रदेश के नेतृत्व की कमान सौंपी। जबकि कांग्रेस ने कमलनाथ ,कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं को प्रदेश की बर्बादी का जिम्मा सौंप कर पिछड़ा वर्ग के हितों को नजर अंदाज करने का पाप किया। कांग्रेस के नापाक इरादे इतने पर भी पूरे नहीं हुए तो उन्होंने षड्यंत्र पूर्वक पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर भी रोक लगवा दी और आज जब उनके नेता पिछड़ा वर्ग के हितों के नाम पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं तो माननीय सर्वाेच्च न्यायालय ने पिछड़ा वर्ग के हित में अपना निर्णय देकर उस पर भी पानी फेर दिया है।
हिन्दुस्थान संवाद

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