सूर्य ग्रहण के बाद अब चंद्रग्रहण, जानिए ग्रहण का राशि पर प्रभाव

कार्तिक पूर्णिमा पर वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण

-ग्रहण काल में चार ग्रह रहेंगे आमने-सामने

-मौसम में आएगा बड़ा बदलाव, पर्यावरण प्रदूषित होगा जनमानस में बढ़ेंगे रोग

ग्वालियर, 02 नवंबर (हि.स.)। सूर्य ग्रहण के बाद अब देव दीपावली 8 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण की छाया रहेगी। 15 दिनों में यह दूसरा ग्रहण दृश्य मान होगा। एक पक्ष में 2 ग्रहण के प्रभाव हमेशा नकारात्मक होते हैं। जिससे प्राकृतिक आपदाओं के साथ मौसम में बड़़े बदलाव, भूकंप और आतंकी घटनाएं बढ़ सकती हैं।

बालाजी धाम काली माता मंदिर के ज्योतिषाचार्य डॉ. सतीश सोनी के अनुसार वर्षों बाद दो ग्रहण के बाद मंगल, शनि, और सूर्य तथा राहु आमने सामने आएंगे। भारतवर्ष की कुंडली में तुला राशि पर सूर्य, चंद्र, बुध और शुक्र की युति बनेगी। इसके साथ ही शनि कुंभ राशि में पंचम में मिथुन राशि में नवम पर मंगल की युति विनाशकारी योग बना रही है। वहीं शनि ,मंगल के आमने सामने होने से षडाष्टक योग, नीच राज भंग योग और प्रीति योग का निष्पादन हो रहा है। चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले ही आरंभ हो जाएगा।

चंद्रग्रहण का आरंभ दोपहर 2.39 से ग्रहण का मध्य 4.29 बजे ग्रहण समाप्ति 6.19 पर होगा। ग्वालियर में सूर्यास्त 5.30 पर होगा। पर्व काल आरंभ सूर्य अस्त से 6.19 ग्रहण मोक्ष तक मंत्र जाप गुरु दीक्षा के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। यह चंद्रग्रहण मेष राशि में घटित होगा। और सूतक प्रात: 5.53 भारतीय समय अनुसार लगेगा।

कुछ इस तरह रहेगा। ग्रहण का प्रभाव

डॉ.सोनी ने बताया यदि 15 दिन में 2 ग्रहण होते हैं। तो प्राकृतिक आपदाएं अक्सर आती हैं। पर्यावरण प्रदूषित होता है। तथा जनमानस में और रोग के प्रकोप बढ़ते हैं। वही मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सीमा पर तनाव के साथ औद्योगिक विकास के कार्यों में गिरावट भी आएगी।

ग्रहण का राशि पर प्रभाव

मेष, वृषभ , कन्या, मकर राशि के लिए अशुभ

मिथुन, कर्क, वृश्चिक, कुंभ राशि के लिए शुभ

सिंह राशि, धनु राशि, मीन राशि, तुला राशि के लिए सामान्य फल प्रदान करेगा।

इनपुट-हिन्दुस्थान समाचार/उपेंद्र

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