लंगूर को मारकर साज के पेड पर चढ रही मादा वयस्क तेंदुआ की गिरने से हुई मौत

सिवनी, 18 अप्रैल। जिले के पेंच टाईगर रिजर्व अंतर्गत आने वाले पेंच मोगली अभ्यारण के परिक्षेत्र कुरई की बीट गंडाटोला (कक्ष क्रमांक 643-644) के सीमा नाला में पास स्थित साज के पेड पर सोमवार की सुबह एक मादा हनुमान लंगूर को मारकर साथ में लेकर पेड पर चढ रही वयस्क मादा तेंदुआ की गिरने से मौत हो गई है। जिसका शव दाह वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया है।


पेंच टाईगर रिजर्व के उपसंचालक रजनीश कुमार सिंह ने हिस को बताया कि पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी अंतर्गत पेंच मोगली अभ्यारण परिक्षेत्र कुरई की बीट गंडाटोला (कक्ष क्रमांक 643-644) के सीमा नाला में सोमवार की सुबह एक वयस्क मादा तेन्दुआ (आयु लगभग 8 से 10 वर्ष) एवं एक मादा हनुमान लंगूर के शव जल स्त्रोत से लगभग 3 मीटर की दूरी पर स्टाफ को गस्ती के दौरान दिखाई दिए। जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।


बताया गया कि सूचना पर डॉग स्क्वाड एवं डॉ. अखिलेश मिश्रा और डॉ. अक्षय बंसोड़ पशु चिकित्सक, खवासा के दल को मौका पर बुलवाया गया। डॉग स्क्वाड द्वारा मौके पर अच्छी तरह से निरीक्षण किया गया। जलस्त्रोतों का दल बनाकर निरीक्षण कराया गया। नाले में जगह-जगह एकत्रित पानी (1.5 किमी दोनो ओर) का लिटमस टेस्ट करवाया गया कही कोई संदिग्ध गतिविधि नही पाई गई। प्राप्त शव से लगभग 15 मीटर की दूरी पर साजा प्रजाति के वृक्ष पर तेन्दुआ के वृक्ष पर चढ़ने के पैरों के निशान और किसी वन्यप्राणी को खींच कर ऊपर ले जाते समय के खून के निशान प्राप्त हुए। जिस स्थान पर शव प्राप्त हुए थे उसके ऊपर साजा के वृक्ष की शाखाओं की लगभग 25 मीटर ऊंचाई पर शाखायें लगभग 5 मीटर की दूरी पर स्थित पाई गई।
चिकित्सक दल द्वारा तेंदुआ के शव परीक्षण के दौरान वृक्ष से गिरने के कारण आंतरिक गंभीर चोट एवं रक्त स्राव पाया गया। रीढ की हड्डी और पसलियों में चोट पाई गई। शव के दांत, नाखून सहित समस्त अवयव सुरक्षित पाए गए जबकि मादा हनुमान लंगूर के गले मे तेंदुआ के केनाइन दांत के निशान और खून के थक्का जमने और चोट के निशान पाए गए। शव परीक्षण के दौरान विसरा परीक्षण हेतु सैंपल एकत्रित किये गये। और शव को एनटीसीए की समस्त एसओपी का पालन करते हुए मुख्य वनसंरक्षक सिवनी एस.एस. उद्दे, उपसंचालक पेंच टाइगर रिजर्व रजनीश कुमार सिंह, पेंच मोगली अभ्यारण अधीक्षक, आशीष पांडेय, विलास डोंगरे परिक्षेत्र अधिकारी, विक्रांत जठार एनटीसीए प्रतिनिधि और अन्य उपस्थित कर्मचारियों की उपस्थिति में पूर्ण रूप से जलाकर नष्ट किया गया।
बताया गया कि प्रथम दृष्टया चिकित्सक दल द्वारा दी गई जानकारी अनुसार वयस्क मादा तेंदुआ के पेड़ पर लंगूर को मारकर ऊपर ले जाते समय बैलेंस बिगड़ जाने से नीचे गिरने और गंभीर चोट आने से मृत्यु होना प्रतीत होता है।
हिन्दुस्थान संवाद

follow hindusthan samvad on :