छग से फिर लौटा तीन हाथियों का समूह, पडौर के जंगल में जमाया डेरा

अनूपपुर, 17 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के वन परिक्षेत्र मरवाही से कुम्हारी-घुसरिया बीट के जंगलों मे विचरण करते हुए 16 -17 मई की रात्रि तीन हाथियों का समूह अनूपपुर जिले के वन परिक्षेत्र जैतहरी में प्रवेश कर चुका है। फिलहाल इस समूह के मंगलवार की सुबह सोन नदी पार कर वन परिक्षेत्र कोतमा के पड़ौर में सोन नदी के किनारे स्थित जंगल में आराम करने की जानकारी मिली है। ज्ञात हो कि अनूपपुर जिले की वन सीमाओं के भीतर 1 अप्रैल से विचरण कर तीन दंतैल हाथियों का झुंड 27-28 अप्रैल की रात छत्तीसगढ़ की सीमा की ओर वापसी कर गया था। जिसने छत्तीसगढ़ राज्य के वनपरिक्षेत्र मारवाही के घुसरिया व परासी बीट में अपना डेरा जमाया था।

हाथियों के समूह के फिर से आ जाने की जानकारी मिलने पर कोतमा एवं जैतहरी का वन अमला फिर से सक्रिय होकर लोगों को सतर्क कर रहा है। गांव वालों को हाथियों की किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर वन विभाग को दिए जाने की सलाह दी गई हैं। देर शाम हाथियों का रुख किस ओर होगा इस पर वन विभाग का मैदानी अमला नजर बनाए हुए हैं।

बताया जाता है कि मारवाही की सीमा से अनूपपुर में प्रवेश करते हुए अप्रैल माह में 27 दिनों के बीच हाथियों का समूह जैतहरी, राजेन्द्रग्राम, अहिरगवां रेंज में विचरण करते हुए शहडोल के वनपरिक्षेत्र बुढार और फिर वहां से वापसी करते हुए पुन: उन्हीं रास्तों से छग की सीमा की ओर लौट गया था।

इनपुट-हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला

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