नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन

भोपाल, 14 जनवरी।नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) मीडिया बुलेटिन….(क्लिक करें)

हिन्दुस्थान संवाद

दिनेश राय ने चुनरी अर्पण कर देश, मध्यप्रदेश एवं जिले की सुख समृद्धि व शांति के लिए मां बैनगंगा से प्रार्थना की

सिवनी, 14 जनवरी। जिला मुख्यालय से छिंदवाडा जाने मार्ग पर ग्राम लखनवाडा स्थित मॉं बैनगंगा के पावन तट पर शुक्रवार की शाम को सिवनी विधायक दिनेश राय ने मकर संक्रांति के पावन पर्व पर चुनरी अर्पण एवं महाआरती की।


बताया गया कि शुक्रवार को शाम को समीपस्थ ग्राम लखनवाडा स्थित मॉं बैनगंगा के पावन घाट पर बैनगंगा सेवा समिति द्वारा चुनरी अर्पण एवं महाआरती का कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें सिवनी विधायक दिनेश राय शामिल हुए और सभी भक्तों के साथ मां बैनगंगा को चुनरी अर्पित की। तथा प्रकांड पंडितों की उपस्थिति मे महाआरती की। साथ ही पूजनकर देश, मध्यप्रदेश एवं जिले की सुख समृद्धि व शांति के लिए मां बैनगंगा से प्रार्थना भी किया।
इस दौरान विधायक ने महाआरती संपन्न करवाने वाले विद्वानों का सम्मान किया वहीं बैनगंगा सेवा समिति के संतोष अग्रवाल , विपिन शर्मा , कपिल पांडे द्वारा विधायक का शाल श्रीफल से स्वागत किया गया।
इसी क्रम में विधायक लखनवाडा रोड पर स्व. ठाकुर हिम्मत सिहं बघेल की पुण्य तिथि मे आयोजित भंडारा कार्यक्रम पहुंचकर दिवंगत स्व.ठाकुर हिम्मत सिंह बघेल के छाया चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन कर प्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान श्याममिलन पांडे, अखिलेश खेडीकर , संकेत विक्की शिवहरे , विधायक प्रतिनिधि, सतीश दुबे विधायक प्रतिनिधि, किशोर यादव, किशन साहू , अहफाज खान , देवेन्द्र बघेल , अखिलेश पांडे , सुनील डहेरिया, अंकित दुबे , बसंत बघेल , राज भगवत पटेल , अनूप मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान संवाद

बड़े धार्मिक एवं पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित होगा विश्व प्रसिद्ध शनि मंदिर

केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर की पहल पर  बनी  शनि मंदिर के कायाकल्प की योजना
केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शनिदेव मंदिर पहुँचे

भोपाल, 14 जनवरी। विश्व प्रसिद्ध शनि देव मंदिर का कायाकल्प किया जाएगा। मुरैना जिले के ऐंती गाँव की सुरम्य पहाड़ी पर स्थित शनि देव मंदिर परिसर को बड़े धार्मिक एवं पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जाये्गा। केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री एवं मुरैना के सांसद श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस दिशा में पहल की है। श्री तोमर इस सिलसिले में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शुक्रवार को शनिदेव मंदिर परिसर पहुँचे और मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि यह मंदिर धार्मिक और पर्यटन का एक बड़े केंद्र के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो। इसी को दृष्टिगत रखकर मंदिर के विकास की योजना बनाई गई है। शनिदेव मंदिर को भव्य रूप देकर इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए मुरैना जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

शनि देव मंदिर परिसर को भव्य रूप देने के लिए शनि परिक्रमा मार्ग के साथ शनि सरोवर और शनि कुंड का निर्माण किया जाएगा। मंदिर के विकास को दो हिस्सों में बांटा गया है। एक आंतरिक और दूसरा बाहरी विकास। आंतरिक विकास मंदिर परिसर के भीतर अत्याधुनिक तरीके से विकास कार्य कराएँ जाऐंगे। इसी तरह बाहरी विकास में परिक्रमा मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इसमें बिजली सड़क कनेक्टिविटी के अलावा परिक्रमा मार्ग में जन-सुविधाएँ, दुकानें और खानपान की सुविधाएँ मुहैया कराई जाएंगी, जिससे यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न आए। परिक्रमा मार्ग सहित प्रस्तावित अन्य विकास कार्यों का केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने निरीक्षण भी किया।

        वर्तमान में शनि मंदिर के दो परिक्रमा मार्ग हैं। एक 6 किलोमीटर दायरे में है। जबकि दूसरा परिक्रमा मार्ग 21 किलोमीटर लंबा है। परिक्रमा मार्गों का नए सिरे से निर्माण किया जा रहा है। लगभग 21 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग में अन्य मंदिर भी हैं, उनका भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। परिक्रमा मार्ग के दोनों ओर पौध-रोपण के कार्य को भी जीर्णोद्धार योजना में शामिल किया गया है। शनि मंदिर की गिनती देश के प्राचीन शनि मंदिरों में होती है। यही नहीं इस मंदिर का धार्मिक महत्व भी है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने मंदिर के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया है।

कलेक्टर मुरैना श्री बी. कार्तिकेयन, जिला पंचायत मुरैना के कार्यपालन अधिकारी श्री रोशन कुमार सिंह तथा मुरैना के पूर्व कलेक्टर श्री विनोद शर्मा सहित जन-प्रतिनिधिगण एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी थे।

हिन्दुस्थान संवाद

M.P.: 50 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान के लिये 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर दी जायेगी राहत-मुख्यमंत्री

आँखों में आंसू न लायें, ओलावृष्टि से नुकसान की भरपाई करेगी सरकार : मुख्यमंत्री श्री चौहान

संकट में साथ देने के लिये ही बना हूँ मुख्यमंत्री
50 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान के लिये 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर दी जायेगी राहत

भोपाल, 14 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील के ग्राम खिस्टोन में असमय वर्षा और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआयना किया। प्रभावित फसलों को देखने मुख्यमंत्री श्री चौहान खेतों में पहुँचे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बाहर से फसलें हरी दिखती हैं पर खेत में अंदर जाकर देखो तो कुछ नहीं बचा है। प्रदेश में पृथ्वीपुर सहित जहाँ-जहाँ भी फसलों को नुकसान पहुँचा है, उसकी भरपाई की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसानों को शीघ्रता से राहत राशि का भुगतान करायें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खेतों में फसल का जायजा लेने के बाद किसानों से चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि, “घबराना मत, मुसीबत का मिलकर मुकाबला करेंगे। आँख में आंसू मत लाना। सभी संकट से बाहर निकाल लूँगा। जहाँ-जहाँ भी ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है उसकी भरपाई सरकार करेगी। यदि फसल का 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है, तो 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि दी जायेगी। फसल बीमा का लाभ अलग से मिलेगा। साथ ही अल्पकालीन ऋण की वसूली स्थगित की जायेगी और अल्पकालीन फसल ऋण को मध्यकालीन ऋण में बदला जायेगा।”

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जनहानि के लिये 4 लाख, गाय-भैंस की मृत्यु पर 30 हजार रूपये और छोटे पशुओं बछड़ा-बछड़ी, बकरा-बकरी तथा मुर्गा-मुर्गी के लिये भी राहत राशि दी जायेगी। यदि मकानों को क्षति हुई है, खपरेल को नुकसान पहुँचा है, तो इसके लिये भी मुआवजा राशि दी जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ग्राम खिस्टोन में ओलावृष्टि से प्रभावित खेत के भ्रमण के दौरान पीड़ित महिला किसान को 50 हजार रूपये की राशि शीघ्रता से भुगतान करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मड़िया हल्का के मबई ग्राम की महिला किसान श्रीमती मक्खन बाई रजक से कहा कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, आपका भाई मुख्यमंत्री है। उन्होंने अधिकारियों को मक्खन बाई को 50 हजार रूपये सहायता राशि देने के निर्देश दिये।

विधायक सर्वश्री हरिशंकर खटीक, श्री अनिल जैन, श्री शिशुपाल सिंह यादव, श्री अखिलेश अयाची अन्य जन-प्रतिनिधि, संभागायुक्त श्री मुकेश कुमार शुक्ला, आईजी श्री अनिल शर्मा उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान संवाद

पहला स्वतंत्रता संग्राम और भोपाल – सीहोर की शहादत, आज ही के दिन 149 क्रांतिकारियों को ह्रयूरोज ने गोली से उड़ा दिया था

भोपाल, 14 जनवरी।आज़ादी के अमृत महोत्सव के इस वर्ष में हम याद कर रहे हैं अपने उन क्रांतिकारियों को जिन्होंने भारत माता को आज़ाद करवाने के लिए पहले-पहल क्रांति की ज्वाला प्रज्जवलित की थी। भोपाल से शुरू हुआ आज़ादी के इस पहले संग्राम ने अंग्रेजों के शासन को जोरदार टक्कर दी। मातृभूमि को स्वतंत्र कराने वाले इन वीरों को देश कभी भी भूल नहीं सकेगा।

अब से 164 साल पहले यानि 15 जनवरी 1858 को शाम 6 बजे कर्नल हयूरोज ने 149 क्रांतिकारियों को सीहोर कॉन्टिन्जेण्ट में एक लाइन में खड़ा कर गोली मार दी। भोपाल गजेटियर का संदर्भ 149 क्रांतिकारियों को लम्बी लाइन में खड़ा कर गोली मारने की पुष्टिकर्ता है तो सीहोर में जनश्रृति और एक प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र की रिपोर्ट में इस संख्या को 356 बताया गया है।

भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम की कहानी भी रोंगटे खड़े करने वाली है और आज की तथा आने वाली पीढ़ी के लिये प्रेरणादायी है। 

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की कहानी कुछ ऐसी है कि अप्रैल, 1857 में भोपाल बेगम को पत्थर पर लिखकर छपाई गई क्रांति कारियों की (लिथोग्राफ) एक उदघोषणा प्राप्त हुई, जिसमें अंग्रेजों को निकाल बाहर करने और नष्ट करने का आव्हान किया गया था। बेगम ने इस घोषणा में कहीं गई बातें ब्रिटिश एजेन्ट को सूचित कर दी और इस प्रकार अंग्रेजों के प्रति अपनी वफादारी का सबूत दे दिया। 

जब यह महान क्रांति मई, 1857 में भारत को आन्दोलित करने वाली थी उस समय भोपाल कॉन्टिन्जेन्ट सीहोर मुख्यालय में 60 तोपची,  206 घुड़सवार सैनिक तथा 600 पैदल सैनिक थे,  अर्थात् कुल मिलाकर 866 सैनिक थे, जिनमें सभी भारतीय थे। इस कॉन्टिन्जेन्ट के साथ केवल 6 अंग्रेज थे। इस कॉन्टिन्जेन्ट की एक टुकड़ी बेरछा में तैनात की गई किन्तु वहां कमान संभालने वाला एक भी अंग्रेज नहीं था।

 मेरठ तथा दिल्ली में हुई घटनाओं का समाचार सबसे पहले 13 मई, 1857 को इन्दौर में प्राप्त हुआ। परिणामस्वरूप, विद्रोह के अकस्मात् फैलने की आशंका से कर्नल ड्यूरेन्ड ने 14 मई को सीहोर को भोपाल कान्टिजेन्ट की 2 तोपें,  पैदल सैनिकों की 2 कंपनियां तथा घुड़सवारों के दो सैन्य दल भेजने के लिये अत्यावश्यक संदेश भेजा।

20 मई को इन्दौर पहुँचने के लिये सैन्य दल भेज दिया गया और भोपाल क्षेत्र पर आसन्न संकट की छाया छाई रही। पड़ोस में और भारत के अन्य भागों में जो कुछ भी हो रहा था, उससे भोपाल रियासत की प्रजा प्रभावित हुये बिना नहीं रह सकी। मध्य भारत के लिये गर्वनर जनरल के एजेन्ट राबर्ट हैमिल्टन ने भारत सरकार के सेकेट्ररी को लिखा कि सामान्यत: दिल्ली, लखनऊ तथा रोहिलखंड में जो कुछ भी हो रहा था, उससे भोपाल के अनेक निवासी प्रभावित थे। भोपाल के मुसलमान लोग मुगल सम्राट बहादुर शाह से सहानुभूति रखते थे और हिन्दु लोग नाना साहब पेशवा से सहानुभूति रखते थे। “

कैप्टन हुचिन्सन ने यह देखा कि भोपाल के अभिजात लोगों में ईसाई विरोधी तथा अंग्रेज विरोधी भावना बहुत अधिक थी। नियाज मुहम्मद खान, फौजदार मुहम्मद खा, बदी मुहम्मद खान, त्रिभुवन लाल जैसे महतवपूर्ण नेता तथा अनेक अन्य लोग उस समय वर्तमान व्यवस्था से असंतुष्ट थे। वे सिकन्दर बेगम के शासन के इसलिये विरोधी थे क्योंकि वह कम्पनी सरकार के अंगूठे नीचे थी। जब अवसर आया तो ऐसे व्यक्तियों ने विद्रोह में प्रमुखता से भाग लिया। “

इस बीच 1 जुलाई, 1857 को इन्दौर के सैनिकों ने विद्रोह कर दिया। उन्हें दंडित करने के लिये भोपाल कॉन्टिन्जेन्ट कैवलरी के लगभग पचहत्तर सैनिकों का एक दल बुलाया गया । किन्तु कमांडर ट्रैवर्स को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि पूरे दल में से केवल 6 सैनिकों ने उसकी आज्ञा मानी। अन्तत: अंग्रेजों को इंदौर छोड़कर जाना पड़ा। कर्नल डयूरेन्उ और उस दल के लोग, जिसमें 17 अधिकारी, 8 महिलायें और 2 बच्चे शामिल थे, भोपाल कॉन्टिनेन्ट के कुछ सैनिकों की रक्षा में उसी दिन सीहोर चले गये। वे लोग 3 जुलाई को आष्टा और 4 जुलाई को सीहोर चले गये। सिकंदर बेगम ने उन्हें आश्रय और संरक्षण दिया। सिकंदर बेगम को अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। उसकी माँ तथा मामाओं ने उससे आग्रह किया कि वह अंग्रेजों के विरूद्ध धर्मयुद्ध घोषित कर दे। शहर के मौलवी भी जिहाद का उपदेश दे रहे थे और उसके सैनिकों ने भी उसे आतंकित किया। किन्तु सिकन्दर बगेम नहीं मानी। कर्नल ड्यूरेन्ड तथा उसके दल के साथ वह होशंगाबाद गईं, जहां वे 8 जुलाई को सुरक्षित पहुँच गये।

9 जुलाई को सीहोर के पॉलिटिकल एजेन्ट मेजर रिचर्डस ने 20 यूरोपियों के साथ सीहोर छोड़ दिया। सीहोर छोड़ते समय उसने स्टेशन का प्रभार कुछ समय के लिये सिकंदर बेगम के अधिकारियों को सौंप दिया, किन्तु सभी व्यावहारिक प्रयोजनों उसका प्राधिकार कुछ भी नहीं था। कॉन्टिन्जेण्ट के सैनिकों ने सीहोर कैन्टोनमेण्ट पर कब्जा कर लिया। उन्होंने अंग्रेजों के बंगलों, डाकघर और सीहोर चर्च को लूट लिया। इस अवसर पर विद्रोही नेता शुजात खान पिंडारी ने मुख्य अधिकारी को मार डाला तथा बेरछा स्थित कम्पनी के खजाने को लूट लिया। जब सिकंदर बेगम ने सीहोर के सैनिकों को शुजात खान के विरूद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया तो उन्होंने आदेश मानने से इंकार कर दिया। इसके पहले के बेगम बदला लेतीं, सीहोर कैवलरी के रिसालदार ने 6 अगस्त, 1857 को खुले तौर पर विद्रोह की घोषणा कर दी। सैनिकों ने सीहोर कैन्टोंमेण्ट की 9 पौंडर तोपों तथा एक 24 पौंडर हो‍विट्जर को अपने कब्जे में ले लिया तथा उन्हें कैवलरी लाइन्स में रख दिया। बेगम ने सीहोर के सैनिकों के विद्रोह को कुचलने के लिये भोपाल से एक सैन्य बल भेजा। भोपाल के सैनिक भी उतने ही क्रांतिकारी थे, जितने सीहोर के सैनिक यद्यापि उन्होंने बेगम के पक्ष में सीहोर के खजाने को बचा लिया। तथापि सीहोर के अधिकांश क्रांतिकारी जिन्हें छोड़ दिया गया था, अन्तत: कानपुर जा पहुँचे और उन्होंने नाना साहब के झंडे के नीचे वीरतापूर्वक युद्ध किया।

जुलाई, 1857 से लेकर नवंबर, 1857 तक सीहोर तथा उसके आसपास के क्षेत्र में इन्हीं क्रांतिकारियों का वर्चस्व रहा। विद्रोह के रोकने के लिये बेगम ने एक मैत्री विभाग की स्थापना की। उन्होंने सभी ओर से भागकर आये अंग्रेजों को सहायता दी और उन्हें सुरक्षा दी। इतना ही नहीं बल्कि अपने राज्य क्षेत्रों के बाहर भी उत्तर में काल्पी तक अनाज और चारा भेजकर और सागर तथा बुन्देलखण्ड में शान्ति स्थापित करने के लिये सैनिक टुकडियां भेजकर अंग्रेजों की भरसक सहायता की। अंबापानी के जागीरदार फाजिल मुहम्मद खान तथा आदिल मुहम्मद खान पर जिन्होंने विद्रोह कर दिया था, बेगम द्वारा तुरन्त हमला किया गया और उनकी संपदायें छीन ली गईं जबकि राहतगढ़ के हठी किलेदार को, जिसने अंग्रेजों को प्रवेश नहीं करने दिया था, पकड़ लिया गया तथा सूली पर चढ़ा दिया गया। इस बीच वह सीहोर में पुन: शांति स्थापित करने में सफल हो गई और अनेक क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें बाद में फांसी दे दी गई।

दिसम्बर, 1857 में ह्यूरोज ने विद्रोह को कुचलने के लिये सेना की कमान सम्हाली, 8 जनवरी को इन्दौर से रवाना होकर वह 15 जनवरी, 1858 को सीहोर पहुँचा। जैसा कि पहले कहा जा चुका है, सीहोर में अनेक क्रांतिकारी पहले से बन्द थे और कोर्ट मार्शल की प्रतीक्षा कर रहे थे। उनमें से 149 क्रांतिकारियों को न्यायालयों ने दोषी पाया तथा उन्हें गोली मार देने की सजा सुनाई गई। इस दण्डादेश के क्रियान्वयन का कार्य तीसरे यूरोपियन सैनिकों को सौंपा गया। सूर्यास्त के समय कैदियों को बाहर लाया गया और उन्हें एक लंबी पंक्ति में खड़ा कियागया और संकेत देते ही उन्हें गोली मार दी गई लेकिन उनमें से एक व्यक्ति बच निकला।

जब मृत्युदंड देने की कार्रवाई पूरी हो गई तो अंधेरा हो गया और 15 जनवरी की उस लंबी, भयानक रात में तीसरे यूरोपियन बिग्रेड का एक अधिकारी और सैनिक क्रांतिकारियों के शवों की पंक्ति पर पहरा देते रहे और बिग्रेड 16 जनवरी को सुबह 3 बजे राहतगढ़ की ओर बढ़ गई।

हमारे पहले क्रांतिकारियों को नमन

(लेखक संभागीय जनसम्पर्क कार्यालय में उप संचालक हैं।)

हिन्दुस्थान संवाद

विधायक दिनेश राय जिला चिकित्सालय मे घायल बच्चों व परिजनों से मिले

घायल बच्चों से मिलने पहुंचे सिवनी विधायक, कहा अब चिंता की कोई बात नही
सिवनी, 14 जनवरी। जिले में बीते दिन दुखद सड़क दुर्घटना मे घायल हुए ठरकाखेडा एवं छिंदग्वार निवासी सनोडिया परिवार के बच्चों एवं उनके परिजनों से मिलने के लिए शुक्रवार को जिला चिकित्सालय में सिवनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक दिनेश राय पहुचें और हाल जाना।
विधायक ने इस दौरान चिकित्सकों से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों को बताया कि दोनो बच्चे शीघ्र स्वथ्य हो जायेगें अब चिंता की कोई की बात नही हैं।


इसी क्रम में विधायक ऊर्जा, उत्साह और समृद्धि के पर्व मकर संक्रांति के पावन अवसर पर नगर मे स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर पहुंचे। जहां पर आपने भगवान के दर्शनकर पूजन किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी जी एवं समिति के श्री संतोष अग्रवाल जी ने शाल, श्रीफल से स्वागत किया।
हिन्दुस्थान संवाद

रोको टोको अभियानः महाविद्यालय की छात्राओं ने किया लोगों को जागरूक

सिवनी, 14 जनवरी।सिवनी शासन के निर्देशानुसार कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए तथा ओमी क्रोन के बढ़ते संक्रमण से बचने हेतु नेताजी सुभाष चंद्र बोस शासकीय कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा निरंतर रोको टोको अभियान का आयोजन नगरपालिका चौक पर किया जा रहा है।

आज दिनांक 14 जनवरी 2022 को महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के वॉलिंटियर्स ने एक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आम जनों तक यह संदेश पहुंचाने की कोशिश की कि मास्क तथा 2 गज की दूरी ही हमें कोरोना के प्रकोप से बचा सकती है। यह नुक्कड़ नाटक राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ रुचिका यदु के मार्गदर्शन में तैयार किया गया तथा साथ ही डॉ शेष राव नवांगे, श्रीमती सोनाली जैस्वाल, श्रीमती अनीता, कुल्हाड़े, श्रीमती सविता शर्मा, श्रीमती अपर्णा अवस्थी, श्रीमती नीतू दुर्गे ने अपना सहयोग देकर यह कार्यक्रम सफल बनाने में अपना योगदान दिया। इस नुक्कड़ नाटक में प्रेरणा नागवंशी, अभिलाषा उइके, शीलू, रुचि, रश्मि यादव, अभिलाषा यादव, रवीना इनवाती, प्रिया डेहरिया, पूजा मालवी, कविता यादव, मीना सराठे, संस्कृति, रूपाली नायक ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
हिन्दुस्थान संवाद

ग्रामवार फोटो युक्त मतदाता सूची- 2022 तैयार करने के लिए रजिस्ट्रीकरण एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त

सिवनी, 14 जनवरी।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ राहुल हरिदास फटिंग ने राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत क्षेत्रों की फोटो युक्त मतदाता सूची- 2022 तैयार करने के लिए विकासखण्डवार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किए हैं। उन्होंने संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा संबंधित तहसीलदारों को सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा अपर कलेक्टर सिवनी को अपीलीय अधिकारी नियुक्त किया है।

हिन्दुस्थान संवाद

45688 किसानों से अब तक 317753.248 मेट्रिक टन धान उपार्जित

सिवनी, 14 जनवरी।जिला आपूर्ति अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 12 जनवरी तक 121 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 45688 पंजीकृत किसानों से अब तक 317753.248 मेट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। जिसमें से 71.33 प्रतिशत का परिवहन कर भंडार केंद्रों में भंडारित किया जा चुका है। अब तक 25498 किसानों को 319.90 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है।

हिन्दुस्थान संवाद

राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर अधिकारियों को सौंपे गए विभिन्न दायित्व

सिवनी, 14 जनवरी।25 जनवरी 22 को 12वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम को लेकर जिला एवं तहसीलस्तर पर प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ राहुल हरिदास फटिंग ने विभिन्न अधिकारियों को आवश्यक दायित्व सौंपे गए हैं।

उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को ब्लॉक एवं जिलास्तर पर स्कूल / कॉलेजों में प्रतियोगिताओं के आयोजन करने, जिला योजना अधिकारी को जिलास्तर पर होने वाले कार्यक्रमों की रूप रेखा तैयार करने के दायित्व के साथ ही तहसीलदार सिवनी को जिला एवं तहसीलस्तर पर राष्ट्रीय मतदाता दिवस के कार्यक्रम आयोजित करने पर नोडल नियुक्त किया है। उन्होंने सम्पूर्ण आयोजन कोविड प्रोटोकॉल के तहत किए जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।

हिन्दुस्थान संवाद