मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक सहित अन्य न्यायाधीशों ने गुलाब का फूल भेंटकर अधिवक्ताओं का किया स्वागत

जबलपुर, 15 फरवरी। उच्च न्यायालय में करीब 11 माह की खामोशी के बाद आज सोमवार को अधिवक्ताओं की चहल-पहल नज़र आई। कोरोनाकाल में 20 मार्च 2020 को अंतिम बार फिजिकल हियरिंग की गई थी, इसके पश्चात से ही प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा रही थी। आज सोमवार को प्रात: 10 बजे से ही उच्च न्यायालय के गेट नंबर 6 पर चहल-पहल नजर आई।
    अधिवक्तागण निर्धारित वेशभूषा में अपना तापमान स्कैन करवाने के पश्चात जब गेट नंबर 6 पर पहुंचे तो, तब उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा, जब उन्होंने मुख्य न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक, प्रशासकीय न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति नंदिता दुबे व न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी को हाथों में गुलाब का फूल लेकर उपस्थित पाया। न्यायमूर्तिगणों द्वारा अधिवक्ताओं को गुलाब का फूल प्रदान कर उच्च न्यायालय परिसर में उनका स्वागत किया गया।
    अधिवक्तागण भी गर्मजोशी से न्यायालय परिसर में उपस्थित हुये और उनके द्वारा कोरोना गाईड लाईन का पालन करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर आर. के. वाणी रजिस्ट्रार जनरल के साथ सभी रजिस्ट्रार उपस्थित रहे।
    यह विदित रहे कि 11 फरवरी को प्रसारित सूचना पत्र के पालन में फिजिकल हियरिंग का आज पहला दिवस  था। आज नियत मामलों में से 181 मामलों में वर्चुअल हियरिंग की गई व शेष समस्त मामलों में में फिजिकल हियरिंग की गई। उच्च न्यायालय द्वारा प्रसारित सूचना पत्र के तहत अधिवक्ता को गेट नंबर 6 से प्रवेश दिया गया इसके अतिरिक्त 65 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्तागण को फिजिकल हियरिंग के स्थान पर वर्चुअल हियरिंग का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसे अधिवक्ताओं द्वारा सराहा गया हैं।

हिन्दुस्थान संवाद

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