सिवनी, 17 फरवरी। चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज सिवनी द्वारा केंद्रीय कर व्यवस्था जीएसटी के खिलाफ अखिल भारतीय स्तर पर केट संगठन द्वारा 26 फरवरी के आहूत बंद का समर्थन किया जाएगा।
चेंबर के सचिव संजय कुमार मालू ने बुधवार की शाम को जानकारी देते हुए बताया कि जीएसटी कर व्यवस्था व्यापारी वर्ग की सुविधा एवं सरल टैक्स प्रणाली के उद्देश के नाम पर लाई गई थी किंतु यह कर व्यवस्था इतनी जटिल बना दी गई है कि यह व्यापारियों के लिए जी का जंजाल बन गई है। साथ ही इसमें ऐसी दंडनीय धाराएं जोड़ दी गई है जिसके चलते व्यापार करना अपराध प्रतीत होने लगा है। व्यापारी बंधु को व्यापार करने से ज्यादा इस कर प्रणाली का लेखा-जोखा रखने में व्यस्त होना पड़ रहा है। इस कर प्रणाली से व्यापार और व्यापारी का दम घुटने लगा है।


चेंबर के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि सरकार द्वारा व्यापारियों की मांगों को दरकिनार करते हुए उन्हें राहत देने की जगह परेशानियों की ओर धकेल दिया गया है। जीएसटी की धारा 29 या नियम 21 के तहत अधिकारी को बिना सुनवाई के पंजीकरण कैंसिल करने, विक्रेता द्वारा अपना रिटर्न न भरने पर हमारे इनपुट पर रोक लगाने, जीएसटी टू ए और जीएसटी टू बी लागू करने, मिसमैच होने पर खाता सीज करने, ईवे बिल 100 किलोमीटर के स्थान पर 200 किलोमीटर लागू करने, अपील करने पर 10ः के स्थान पर 25 प्रतिशत धनराशि जमा कराने, पैक वस्तुओं पर व्यापारियों पर कार्यवाही करने, सैंपल फेल होने पर जेल भेजने, लाइसेंस के नवीकरण 1 माह पूर्व ना होने पर 100 रूपये रोजाना जुर्माना लगाने, ई-कॉमर्स कंपनियों पर जीएसटी में खरीद से कम पर बिक्री करने पर कार्रवाई करने, जैसे प्रावधानों से व्यापारी वर्ग अनेक परेशानियों का सामना कर रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा व्यापारियों की मांगों की अनदेखी से वयापारी वर्ग आंदोलन करने के लिए मजबूर हो गया है। इसी के चलते व्यापारी आगामी 26 फरवरी व्यापार बंद रखने के लिए मजबूर हो गया है।


हिन्दुस्थान संवाद

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