भोपाल, 10 फरवरी। शासकीय कार्यक्रमों एवं भोपाल में व्यवसायी, सामुदायिक एवं निजी कार्यक्रमों में भी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किये गये सार्थक आजीविका गिफ्ट हैम्पर ने प्रदेश में अब अपनी अलग पहचान बनाई है। आत्म निर्भर मध्यप्रदेश के सपने को साकार करने में जिले की महिलाएं कदम से कदम मिलाकर चल रही है। 

  जिला पंचायत के सीईओ ने बताया कि स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। भोपाल जिले में वर्ष 2020-21 में अब तक 8 करोड़ 59 लाख रूपए के ऋण वितरण के लक्ष्य से अधिक 8 करोड़ 72 लाख रूपए का ऋण वितरण स्व-सहायता समूह की बहनों को किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति से भोपाल के समूहों की महिलाओं के द्वारा उत्पाद जैसे पेपर दोना, मिट्टी तवा, हैंड मेड ड्रेस, बैग, पेपर बैग, जूट बैग, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, चूड़ी, कंगन सेट, भोपाल जरी बटुआ, गुड़ चिक्की, आंवला, अदरक, नींबू, मिर्च का अचार साबुन, फिनाइल, सैनेटरी पेड, आजीविका चप्पल इत्यादि बेहतरीन उत्पाद निर्मित कर बाजार में विक्रय कर रही है।  

  अब जिलों के समूहों से जुड़ी महिलाएं अतिरिक्त आय कर आत्म निर्भर बन रही हैं। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वसहायता समूहों को राज्य शासन के द्वारा समय-समय पर बैंकों के माध्यम से ऋण वितरण किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान संवाद

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