भोपाल, 15 फरवरी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहाँ गाँधी मेडिकल कॉलेज और एम्स, भोपाल अपना नॉलेज शेयर करेंगे। इसके बाद प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को भी इसमें शामिल किया जायेगा। इसी प्रकार चिकित्सा छात्रों की सुरक्षा की दृष्टि से उनके लिये बीमा पॉलिसी शुरू की गई है, जिसमें 10 लाख रुपये का मेडिकल बीमा कवर रहेगा। श्री सारंग ने सोमवार को दतिया मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया और छात्र-छात्राओं से चर्चा कर उनसे रू-ब-रू हुए। साथ ही कॉलेज में संचालित गतिविधियों की समीक्षा भी की। श्री सारंग ने इस दौरान ऐनाटॉमी, डिसेक्शन हॉल, माइक्रोबॉयलॉजी लेब, म्यूजियम और स्टूडेंट्स लेक्चर हॉल का भी निरीक्षण किया।

मंत्री श्री सारंग को छात्रा डॉ. शिवानी ने बताया कि उनका चिकित्सक बनने का मुख्य उद्देश्य समाज की सेवा करना है। श्री सांरग ने चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं से चर्चा करते हुए कहा कि भगवान के बाद चिकित्सक का ही स्थान है। एक चिकित्सक ईश्वर के रूप में मरीज को जीवनदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में अध्ययनरत सभी विद्यार्थी यह संकल्प लें कि पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ मरीज की सेवा कर उन्हें जीवनदान देंगे। श्री सारंग ने कहा कि दतिया चिकित्सा महाविद्यालय से पासआउट विद्यार्थी तत्परता से मरीजों की सेवा कर कॉलेज का नाम रोशन करें।

मंत्री श्री सारंग ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिये कि कॉलेज में उपलब्ध मशीनों पर आवश्यक रूप से संधारण के स्टीकर लगायें, जिस पर मशीन का नाम, बैच नम्बर, एक्सपायरी डेट, संचालित करने वाले का नाम और दूरभाष नम्बर लिखा हो। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में साफ-सफाई एवं सकारात्मक माहौल बनाये रखने के लिये टीम भावना से कार्य किया जाये।

हिन्दुस्थान संवाद

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