भोपाल, 15 फरवरी। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के महाविद्यालयों में नैक प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने एवं उच्चतर ग्रेड प्राप्त करने की संभावनाएँ हैं। विद्यार्थियों, प्राचार्यों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। यदि महाविद्यालय परिवार के समस्त घटक अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाते हुए नैक में बेहतर प्रदर्शन करने की ठान लें तो महाविद्यालयों को उच्चतर ग्रेड प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने यह विचार नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में आयोजित महाविद्यालयों के मूल्यांकन संबंधी प्राचार्यों की एक दिवसीय कार्यशाला में व्यक्त किए ।

मंत्री डॉ. यादव  ने कहा कि नैक एवं एनआईआरएफ में उच्चतर स्थान प्राप्त करने का कोई भी अवसर हाथ से न जाने दें, साथ ही प्रदेश की उच्च शिक्षा को नई ऊँचाईयों तक पहुंचायें। उन्होंने कहा कि राज्य शासन महाविद्यालयों को समस्त संभावित संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। महाविद्यालयों को भी इस प्रक्रिया में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का प्रयास करना चाहिए। मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी प्रदेश के लिए उच्च शिक्षा विभाग आइना का काम करता है। इसलिये विभाग की छवि के अनुरूप हम-सब बेहतर कार्य करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों से हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। महाविद्यालयों में नवाचारों के लिए राज्य सरकार का सहयोग भी निरन्तर मिलता रहेगा।

उल्लेखनीय है विभाग के अंतर्गत स्थापित राज्य स्तरीय नैक प्रकोष्ठ द्वारा नैक मूल्यांकन के लिए प्रथम चरण में चयनित प्रदेश के 52 शासकीय महाविद्यालयों के मूल्यांकन संबंधी प्राचार्यों की मूल्यांकन एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालयों को नैक की मूल्यांकन प्रक्रिया में बेहतर प्रदर्शन करने एवं उच्चतर ग्रेड प्राप्त करने के लिये आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई।

कार्यशाला में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री अनुपम राजन एवं अपर आयुक्त श्री चंद्रशेखर वालिंबे  विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा प्रदेश के समस्त शिक्षा संभागों से महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान संवाद

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