भोपाल, 15 फरवरी। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय जल जीवन मिशन कीजलप्रदाय योजनाओं के कार्यों में गति लाना जरूरी है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य को पाने के लिए परिक्षेत्रवार भ्रमण और समीक्षा की जाना चाहिए। अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री मलय श्रीवास्तव ने यह निर्देश प्रमुख अभियंता (ENC) को दिये। उन्होंने कहा कि यह समय मैदानी स्तर की रूकावटों को देखकर वहीं उन्हें निराकृत करने का है ताकि मिशन के कार्यों में प्रदेश को अव्वल रखने सहित निर्धारित लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सके।

एसीएस मलय श्रीवास्तव ने कहा है कि प्रदेश में जलप्रदाय योजनाओं की भौतिक और वित्तीय स्थिति संतोषजनक होने से भारत सरकार से मध्यप्रदेश को समय पर ग्रांट मिलती आ रही है। प्रदेश अब तक (लक्ष्य के आधार पर) देश के सात बड़े राज्यों में ग्रांट प्राप्त करने में अव्वल है। इस स्थिति को निरंतर बनाये रखने के लिए धरातल पर परिणाम दिखाई देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के अनुसार ग्रामीण आबादी में करीब 11 लाख नल कनेक्शन (FHTC) और दिए जाना हैं। उन्होंने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर की परिक्षेत्रवार निरन्तर समीक्षा के निर्देश दिये।

श्रीवास्तव ने कहा कि जलप्रदाय योजनाओं के लिए धन (बजट) की किसी स्तर पर कमी नहीं होने दी जाएगी। सभी स्तर के अधिकारी पूरी लगन से जल जीवन मिशन के मापदण्ड़ों एवं निर्देशों का पालन करते हुए लक्ष्य को प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करें। प्रदेश में मिशन में हो रहे जलप्रदाय योजनाओं के कार्यों के समुचित संचालन, पर्यवेक्षण, मूल्यांकन और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है।

हिन्दुस्थान संवाद

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