उमरिया, 23 फरवरी। जिले में लगातार वन्य जीव पैंगोलिन की तस्करी हो रही है। वन विभाग को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति उमरिया एयरपोर्ट के पास वन्यजीव पैंगोलिन को बेचने का प्रयास कर रहे हैं । खबर प्राप्त होते होने पर वन विभाग की संयुक्त टीम का गठन कर व्यापारी बन कर हवाई पट्टी में जीवित पैंगोलिन सहित तस्करों को दबोच लिया गया। जिसमें पी टी एस उमरिया का एक आरक्षक भी शामिल है।

वन विकास निगम के संभागीय प्रबंधक अनिल चोपड़ा ने बताया कि एस टी एफ जबलपुर और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से यह कार्यवाई की गई है, इसमें पेंगोलिन के खरीदने, बेचने की कार्यवाही में लिप्त लोगों के बारे में सूचना प्राप्त हुई थी, उनसे एक पेंगोलिन जीवित, 3 मोबाइल और 2 मोटरसाइकिल जप्त की गई है। इसमें 3 आरोपी हैं, तीनो के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है, तीनो के नाम हैं, जिसमे आशीष एक्का निवासी उमरिया, दूसरा मोहन लाल कोल निवासी चंदवार, तीसरा जितेन्द्र वर्मा निवासी बिलासपुर हैं। इन तीनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज है और अभी इनसे पूंछतांछ की जा रही है, एक आरोपी आशीष एक्का पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय उमरिया में आरक्षक के पद पर पदस्थ है। अभी कार्यवाई जारी है हो सकता है कि कुछ और लोगों का पता चले।


गौरतलब है कि विलुप्त की कगार पर पाया जाने वाला वन्य जीव प्रथम श्रेणी में आता है और लगातार इसकी तस्करी जारी है, कहीं वन विभाग को सूचना मिलने पर कार्यवाही हो पाती है नही तो तस्कर लगातार इसका शिकार कर इसके स्कल वगैरह बेचते रहते हैं।
वन्य जीव पैंगोलिन बहुत ही कीमती जीव है और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत बहुत ज्यादा है, लेकिन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों से लगातार इसकी तस्करी की जा रही है, इसके स्कल, मांस सभी कुछ बिकते हैं।


हिन्दुस्थान संवाद

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