सिवनी, 10 फरवरी। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज (कैट) ने जीएसटी के विकृत रूप के खिलाफ आगामी 26 फरवरी को भारत व्यापार बंद की घोषणा की है।

कैट जिलाध्यक्ष सिवनी, मनीष अग्रवाल ने बुधवार की शाम को जानकारी देते हुए बताया कि इस बंद का समर्थन करते हुए ट्रांसपोर्ट सेक्टर के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने कैट के भारत व्यापार बंद का समर्थन करते हुए 26 फरवरी को देश भर में चक्का जाम करने की घोषणा की है। नागपुर में कैट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन जो आज से नागपुर में शुरू हुआ है, उसमें देश के सभी राज्यों के 200 से अधिक प्रमुख व्यापारी नेताओं ने संयुक्त रूप से भाग लिया है। यह घोषणा कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल तथा ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने संयुक्त रूप से की है ।


आगे बताया कि कैट मध्यप्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन, संगठन मंत्री गोविन्द असाटी, कोषाध्यक्ष मनोज चैरसिया, उपाध्यक्ष महेश थरवानी, रवि तलरेजा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती कविता जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अलका श्रीवास्तव, बबीता डाबर, किरण सोनी, मुकद्दस शेख पवन मलिक आदि ने जीएसटी काउन्सिल द्वारा जीएसटी के स्वरूप को अपने फायदे के लिए विकृत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जीएसटी पूरी तरह से एक फेल कर प्रणाली है । जीएसटी का जो मूल स्वरूप है उसके साथ खिलवाड़ किया गया है । सभी राज्य सरकारें अपने निहित स्वार्थों के प्रति ज्यादा चिंतित है और उन्हें कर प्रणाली के सरलीकरण की कोई चिंता नहीं है ।


आगे बताया कि देश के व्यापारी व्यापार करने की बजाय जीएसटी कर पालना में दिन भर जुटे रहते हैं जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए विपरीत स्थिति है । ऐसे में जीएसटी के वर्तमान स्वरूप पर नए सिरे से विचार करने की जरूरत है । चार वर्ष में लगभग 937 से ज्यादा बार संशोधन होने के बाद जीएसटी का बुनियादी ढाँचा ही बदल गया है । बार- बार कहने के बावजूद जीएसटी काउन्सिल ने अभी तक कैट द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई संज्ञान नहीं लिया है इसलिए व्यापारियों को अपनी बातों को देश भर के लोगों को बताने के लिए भारत व्यापार बंद का आह्वान किया है ।

हिन्दुस्थान संवाद

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