सिवनी, 22 फरवरी। जिला न्यायालय के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीमती सपना पोर्ते ने सोमवार को कैलाश जैन निवासी सिवनी को म0प्र0 राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 6(ग) के उल्लंघन करने पर 01 वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपए के अर्थदंड से दंडित करने के आदेश जारी किये है।
जिला न्यायालय के मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार सैयाम ने सोमवार की शाम को जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने जिला बदर आरोपित कैलाश जैन को 22 जून 2014 को घर के सामने खडा पाया। जिस पर पुलिस ने आरोपित कैलाश (58) पुत्र शंकरलाल जैन से प्रतिबंधित क्षेत्र घर सिवनी शहर में आने के संबंध में पूछा गया तो उसके द्वारा कोई वैधानिक अनुमति एवं न्यायालयीन आदेश पेश नहीं किया जो अवैध रूप से आना पाया गया।
बताया गया कि आरोपित कैलाश को जिला दंडाधिकारी सिवनी के आदेश क्रमांक 6669/रीडर जिला दंडाधिकारी/13 सिवनी दिनांक 18सितम्बर 2013 के माध्यम से न्यायालय के दांडिक प्रकरण 9/12 के अनुसार म0प्र0 राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 6(ग) के तहत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए आरोपित को जिला के समीपवर्ती जिला छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, कंटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष की कालावधि से बाहर जाने का आदेश किया गया था। जो आरोपी के द्वारा उक्त आदेश का उल्लंघन करना पाया गया।
बताया गया कि जिसकी सुनवाई सोमवार को श्रीमती सपना पोर्ते मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिवनी की न्यायालय में की गई। जिसमें शासन की ओर से अजय सल्लाम सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सिवनी के द्वारा पैरवी की गई। न्यायालय ने अभियोजन के तर्को के आधार पर धारा 14 में 1 वर्ष का कठोर कारावास एवं 500 रुपए के अर्थदंड से दंडित करने के आदेश जारी किये है।
हिन्दुस्थान संवाद

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