भोपाल, 08 फरवरी। आयुष विभाग “वैद्य आपके (मरीज के) द्वार’’ योजना पर तेजी से काम कर रहा है। बहुत जल्दी यह योजना लागू होगी और मरीजों को आयुर्वेद पद्धति से उपचार की घर पहुँच सेवा दी जायेगी। उक्ताशय की बात सोमवार को आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रामकिशोर कावरे ने जिला आयुष कार्यालय बालाघाट में जिले के आयुष चिकित्सकों एवं कंपाउंडरों की बैठक लेकर कही और विभागीय योजनाओं की समीक्षा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

राज्य मंत्री कावरे ने कहा कि आयुष चिकित्सक आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को जन-जन में लोकप्रिय एवं विश्वसनीय बनाने के लिए कार्य करें। आयुष चिकित्सक अपने दायित्वों का ईमानदारी, जिम्मेदारी एवं शिष्टाचार के साथ निर्वहन करें। आमजन के लिए आयुर्वेद के दूत बनकर कार्य करें। आयुष विभाग इस तरह कार्य करें कि समाज में उनकी नई पहचान बने और लोग आयुर्वेद को पहचानें। 

राज्य मंत्री ने कहा कि चिकित्सकों का काम सेवा करना है। वर्तमान में चिकित्सक ही ईश्वर का रूप है। सभी आयुष चिकित्सक आम जन एवं मरीजों के प्रति अपना व्यवहार अच्छा रखें। स्थानीय जन-प्रतिनिधियों से सम्पर्क बनायें रखें। जिले के सभी वेलनेस सेंटर एवं आयुष ग्राम की अवधारणा को साकार करना आयुष चिकित्सकों का काम है। स्वस्थ्य व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना ही वेलनेस सेंटर का लक्ष्य है। इसके लिए योग, प्राणायाम, आहार-विहार एवं औषधीय पौधों के प्रति आम जन में जागरूकता लाने का काम आयुष चिकित्सकों को करना है।

कावरे ने आयुष चिकित्सकों से कहा कि आयुष विभाग के शासकीय सेवकों के समयमान वेतन, परीविक्षा अवधि एवं अन्य समस्याओं का उनके द्वारा निराकरण कराया जा रहा है। जहां जरूरत होगी वहां पर सख्त निर्णय लिये जायेंगें। बैठक में पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवीचरण पारधी, जिला आयुष अधिकारी डॉ शिवराम साकेत एवं सभी आयुष चिकित्सक उपस्थित थे।


हिन्दुस्थान संवाद

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